- 24 जुलाई, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूके यात्रा के दौरान भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार एवं वाणिज्य राज्य मंत्री श्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने मुक्त व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement - CETA) पर हस्ताक्षर किए और "भारत-यूके विजन 2035" फ्रेमवर्क लॉन्च किया है।
- समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, इसे प्रभावी होने से पहले ब्रिटिश संसद से अनुमोदन की आवश्यकता होगी।
व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) समझौते के मुख्य बिंदु:
- भारतीय निर्यात को बढ़ावा: इस समझौते के तहत, भारत से ब्रिटेन को होने वाले 99% निर्यात अब शुल्क मुक्त हो जाएंगे। इससे भारतीय कपड़े, जूते, रत्न एवं आभूषण, समुद्री खाद्य और इंजीनियरिंग वस्तुओं को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुँच मिलेगी।
- ब्रिटिश आयात के लिए पहुँच: वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाली 90% वस्तुओं को भारतीय बाजार में शुल्क मुक्त पहुँच मिलेगी। इससे ब्रिटेन में बने चिकित्सा और एयरोस्पेस उपकरण भारतीय उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए अधिक सुलभ और सस्ते हो जाएंगे।
- द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य: दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 56 अरब डॉलर से दोगुना कर 112 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है, जो इस समझौते का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
- टैरिफ में कमी: ब्रिटेन सरकार का अनुमान है कि CETA ब्रिटेन से आयातित वस्तुओं पर भारत के लागू औसत व्यापार शुल्क को 15% से घटाकर 3% कर देगा।
- कुछ प्रमुख उत्पादों पर प्रभाव:
- व्हिस्की पर शुल्क: अगले 10 वर्षों में 150% से घटकर 40% रह जाएगा।
- कारों के आयात पर शुल्क: मौजूदा 110% से घटाकर 10% किया जाएगा। हालांकि, अगले 5 वर्षों में इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
- छूट से बाहर: सेब, पनीर, छाछ, सोने की छड़ और स्मार्टफोन को शुल्क में कटौती से बाहर रखा गया है।
- डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC): CETA के साथ-साथ एक दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। यह अगले 3 वर्षों तक लगभग 20% सामाजिक सुरक्षा अंशदान के दोहरे भुगतान को रोकेगा, जिससे ब्रिटेन में काम कर रहे 75,000 भारतीय पेशेवरों को फायदा होगा।
- सरकारी खरीद बाजार तक पहुँच: भारत ने ब्रिटेन को अपने सरकारी खरीद बाजार तक पहुँच देने की प्रतिबद्धता जताई है ।
सहयोग के अन्य क्षेत्र:
1. बहुपक्षवाद:
- दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन सहित), राष्ट्रमंडल, डब्ल्यूटीओ, डब्ल्यूएचओ, आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों को समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाने के लिए मजबूत और सुधार करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
2. आतंकवाद विरोधी:
- पीएम मोदी ने 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनके समर्थन के लिए पीएम कीर स्टारमर को धन्यवाद दिया। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे।
- दोनों नेताओं ने जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों का कोई स्थान नहीं है।
- संयुक्त राष्ट्र ने "द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)," लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन को इस हमले में उसकी भूमिका के लिए एक विदेशी आतंकवादी संगठन नामित किया है।
3. प्रत्यार्पण:
- दोनों देश आर्थिक अपराधियों के प्रत्यार्पण पर सहयोग बढ़ाएंगे।
डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC):
- डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (Double Contribution Convention - DCC) एक प्रकार का सामाजिक सुरक्षा समझौता (Social Security Agreement - SSA) है, जिसका उद्देश्य दो देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा योगदानों (social security contributions) के भुगतान को समन्वित करना है।
- हाल ही में भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच इस तरह के एक DCC पर सहमति बनी है, जो दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
DCC के प्रमुख लाभ:
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लाभ |
विवरण |
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1. दोहरे योगदान से मुक्ति |
भारत में EPF (Employees' Provident Fund) में योगदान करने वाले पेशेवरों को UK में National Insurance Contribution (NIC) से छूट मिलेगी। |
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2. लागत में कमी |
अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट्स की लागत घटती है, जिससे कंपनियां और कर्मचारी दोनों लाभान्वित होते हैं। |
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3. व्यापार सुगमता में वृद्धि |
यह व्यापार करने में आसानी और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, जिससे एफडीआई और स्टार्टअप सहयोग भी संभव होता है। |
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4. प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि |
विशेष रूप से आईटी और सेवा क्षेत्र की कंपनियों को UK में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलती है। |
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5. भारतीय प्रतिभा को अवसर |
DCC भारतीय पेशेवरों के लिए UK में कार्य के नए अवसर खोलता है और वैश्विक प्रतिभा प्रवाह को सुगम बनाता है। |
DCC और DTAA में अंतर:
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विषय |
DCC (Double Contribution Convention) |
DTAA (Double Taxation Avoidance Agreement) |
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प्रभाव क्षेत्र |
सामाजिक सुरक्षा योगदान |
आय और पूंजी कराधान |
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मुख्य उद्देश्य |
दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से बचाना |
दोहरे आय कराधान से बचाना |
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लाभ |
NIC और EPF जैसे योगदानों पर छूट |
टैक्स क्रेडिट/छूट द्वारा कर राहत |
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लागू होने वाले व्यक्ति |
अस्थायी रूप से दूसरे देश में कार्यरत कर्मचारी |
वे व्यक्ति जिनकी आय दो देशों में कर योग्य है |
भारत-यूके विजन 2035 फ्रेमवर्क:
- भारत-यूके विजन 2035 एक भविष्य-केंद्रित रणनीतिक रूपरेखा है, जो "रोडमैप 2030" का स्थान लेती है। इसका उद्देश्य बदलती वैश्विक चुनौतियों के बीच साझा समृद्धि, सुरक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाना है। इसमें पांच प्रमुख स्तंभ हैं: विकास, प्रौद्योगिकी, रक्षा, जलवायु, और शिक्षा।
प्रमुख स्तंभ और पहलें
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स्तंभ |
प्रमुख पहलें |
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विकास और नौकरियाँ |
CETA के माध्यम से व्यापार/निवेश बढ़ाना, पूंजी बाजार और कानूनी सेवा सहयोग |
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प्रौद्योगिकी और नवाचार |
AI, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, संयुक्त AI केंद्र, टेक सुरक्षा पहल |
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रक्षा और सुरक्षा |
10-वर्षीय रक्षा रोडमैप, जेट तकनीक, साइबर सुरक्षा, हिंद-प्रशांत में शांति हेतु सहयोग |
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जलवायु और ऊर्जा |
SMRs, हरित वित्त, हाइड्रोजन, कार्बन क्रेडिट, ऊर्जा भंडारण, जलवायु फाइनेंस |
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शिक्षा और संस्कृति |
यूनीवर्सिटी साझेदारी, स्किल विकास, जन-से-जन संपर्क, दोनों देशों में कैंपस स्थापना |
व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता" (Comprehensive Economic and Trade Agreement - CETA)
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आगे की राह:
- यह समझौता दोनों देशों द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद लागू होगा। भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है, जबकि ब्रिटेन को अपने संसद से मंजूरी लेनी होगी। यह किसी प्रमुख विकसित देश के साथ भारत का अब तक का सबसे व्यापक समझौता है, जो बढ़ते भू-राजनीतिक ध्रुवीकरण और व्यापार युद्ध के इस दौर में द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न
1. भारत और यूके के बीच हस्ताक्षरित 'व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता' (CETA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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इस समझौते के तहत, भारत से यूके को होने वाले 99% निर्यात पर शुल्क मुक्त पहुँच प्राप्त होगी।
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यूके से आयातित व्हिस्की पर भारत का शुल्क 150% से घटाकर 40% किया जाएगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों को इस समझौते में तत्काल शुल्क रियायतें प्रदान की गई हैं।
सही कथन चुनें:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
2. 'भारत-यूके विजन 2035' फ्रेमवर्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा स्तंभ शामिल नहीं है?
(a) जलवायु और ऊर्जा
(b) रक्षा और सुरक्षा
(c) कृषि और सिंचाई
(d) प्रौद्योगिकी और नवाचार
उत्तर: (c) कृषि और सिंचाई
3. 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन' (DCC) के बारे में क्या सही है?
- यह भारत और यूके के बीच सामाजिक सुरक्षा योगदान के दोहरे भुगतान को रोकता है।
- यह DTAA (दोहरे कराधान निराकरण समझौते) का एक हिस्सा है।
- इससे यूके में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को लाभ होगा।
सही कूट चुनें:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) केवल 1 और 3
4. CETA के प्रभावी होने के लिए क्या आवश्यक है?
(a) केवल भारतीय संसद की मंजूरी
(b) केवल ब्रिटिश संसद की मंजूरी
(c) दोनों देशों की संसदों की मंजूरी
(d) विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्वीकृति
उत्तर: (b) केवल ब्रिटिश संसद की मंजूरी
व्याख्या: भारत में कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी है, लेकिन यूके में संसदीय अनुमोदन आवश्यक है।
5. निम्नलिखित में से किस उत्पाद को CETA के तहत शुल्क छूट से बाहर रखा गया है?
(a) व्हिस्की
(b) इलेक्ट्रिक वाहन
(c) सोने की छड़
(d) एयरोस्पेस उपकरण
उत्तर: (c) सोने की छड़
6. भारत-यूके CETA का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को कितना बढ़ाना है?
(a) 56 बिलियन डॉलर से 100 बिलियन डॉलर
(b) 56 बिलियन डॉलर से 112 बिलियन डॉलर
(c) 50 बिलियन डॉलर से 150 बिलियन डॉलर
(d) 60 बिलियन डॉलर से 120 बिलियन डॉलर
उत्तर: (b) 56 बिलियन डॉलर से 112 बिलियन डॉलर
7. CETA के तहत भारत के किस क्षेत्र को सर्वाधिक लाभ होने की संभावना है?
(a) फार्मास्यूटिकल्स
(b) कपड़ा और रत्न एवं आभूषण
(c) ऑटोमोबाइल
(d) पेट्रोलियम
उत्तर: (b) कपड़ा और रत्न एवं आभूषण
व्याख्या: 99% भारतीय निर्यात (वस्त्र, ज्वैलरी आदि) को यूके में शुल्क मुक्त पहुँच मिलेगी।
8. भारत-यूके विजन 2035 में रक्षा सहयोग के अंतर्गत क्या शामिल है?
(a) 5-वर्षीय रक्षा रोडमैप
(b) संयुक्त अंतरिक्ष अनुसंधान
(c) 10-वर्षीय रक्षा रोडमैप
(d) परमाणु ऊर्जा साझेदारी
उत्तर: (c) 10-वर्षीय रक्षा रोडमैप
मुख्य परीक्षा प्रश्न:
प्रश्न: "भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) और 'विजन 2035' फ्रेमवर्क भारत की आर्थिक एवं भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं को किस प्रकार पूरा करते हैं? विश्लेषण कीजिए। साथ ही, इस समझौते से संबंधित संभावित चुनौतियों की भी चर्चा कीजिए।" (250 शब्द, 15 अंक)
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