चर्चा में क्यों?
- हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice - ICJ) ने एक ऐतिहासिक सलाहकारी राय जारी की है, जिसमें कहा गया है कि देश जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी ठहराए जा सकते हैं। यह कदम वैश्विक जलवायु न्याय की दिशा में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
- वर्ष 2021 में वानुआतु ने इस सलाह के लिए ICJ का दरवाजा खटखटाया था। मार्च 2023 में इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा में वैश्विक समर्थन मिला।
जलवायु परिवर्तन पर ICJ का रुख
- कानूनी दायित्व: ICJ ने स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन से निपटना एक कानूनी बाध्यता है, न कि केवल नीति का विषय।
- अनुकूलन और उत्सर्जन में कमी: राज्यों को ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन में कटौती करनी चाहिए और जलवायु अनुकूलन के लिए उपाय करने चाहिए।
- केवल UNFCCC या पेरिस समझौते तक सीमित नहीं: यह जिम्मेदारी कई अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से आती है:
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD)
- मरुस्थलीकरण पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCCD)
- संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS)
- ICJ ने कहा कि जलवायु कार्रवाई केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी आवश्यक है।
विफलता = अनुचित कृत्य
ICJ ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में विफल रहना एक अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है, जो अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन करता है।
- प्रत्येक देश, चाहे वह विकसित हो या विकासशील, इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
- यह निर्णय "हानि और क्षति" (Loss and Damage) जैसे मुआवजा उपायों के लिए नैतिक और कानूनी आधार को मजबूत करता है।
विकसित देशों की भूमिका
- UNFCCC के अनुलग्नक-I देशों से अपेक्षा की गई है कि वे:
- अपने उत्सर्जन में अग्रणी रूप से कटौती करें।
- विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहयोग दें।
- मुख्य न्यायाधीश ने इसे मानवाधिकार दायित्वों से भी जोड़ा, जिससे यह एक नैतिक दायित्व भी बन जाता है।
सलाह का महत्त्व
- कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं, फिर भी इसका राजनीतिक और नैतिक प्रभाव गहरा होगा।
- यह सलाह COP-30 (ब्राजील) में होने वाली वैश्विक जलवायु नीति बहसों को प्रभावित कर सकती है।
- विशेषकर ऐतिहासिक रूप से उच्च उत्सर्जनकर्ता देशों पर दबाव बढ़ेगा कि वे अपने कर्तव्यों को निभाएं।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ):
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पहलू |
विवरण |
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स्थापना |
1945 (संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत) |
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मुख्यालय |
हेग, नीदरलैंड्स |
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कार्य |
राज्यों के बीच विवादों का समाधान और सलाहकारी राय देना |
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न्यायाधीश |
15 (UN महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा चुने जाते हैं; कार्यकाल: 9 वर्ष) |
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निर्णय |
सलाहकारी राय बाध्यकारी नही |
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- 1899: हेग शांति सम्मेलन में स्थायी पंचाट न्यायालय (PCA) की स्थापना।
- 1922: स्थायी अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (PCIJ) की शुरुआत (League of Nations के तहत)।
- 1945: PCIJ को समाप्त कर ICJ की स्थापना (UN के तहत)।
भारत और ICJ: कुछ महत्वपूर्ण मामले
- पुर्तगाल बनाम भारत (1960):
- भारत ने संप्रभुता के अधिकार का प्रयोग करते हुए पुर्तगाल को सैन्य पहुँच से वंचित किया।
- भारत बनाम पाकिस्तान (कुलभूषण जाधव, 2019):
- ICJ ने पाकिस्तान को वियना कन्वेंशन के उल्लंघन पर सजा की पुनरीक्षा का आदेश दिया।
ICJ बनाम ICC
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विशेषता |
ICJ |
ICC |
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पूरा नाम |
International Court of Justice |
International Criminal Court |
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कार्यक्षेत्र |
राज्यों के बीच विवाद |
व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे |
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विषय |
संधि, संप्रभुता, सीमा, पर्यावरण आदि |
युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध आदि |
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स्थापना |
1945 |
2002 |
निष्कर्ष:
- ICJ की यह सलाहकारी राय जलवायु न्याय की दिशा में एक संविधानिक और नैतिक मार्गदर्शन है। यह न केवल राज्यों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाती है, बल्कि वैश्विक नीति निर्माण को न्यायसंगत और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न
1. हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) की सलाहकारी राय किस विषय पर जारी की गई है?
(a) आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई
(b) जलवायु परिवर्तन में देशों की कानूनी जिम्मेदारी
(c) समुद्री सीमा विवाद
(d) परमाणु निरस्त्रीकरण
उत्तर: (b) जलवायु परिवर्तन में देशों की कानूनी जिम्मेदारी
2. ICJ की सलाहकारी राय के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(a) यह सलाहकारी राय कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
(b) यह केवल विकसित देशों पर लागू होती है।
(c) यह जलवायु परिवर्तन से निपटने को एक कानूनी दायित्व मानती है।
(d) यह केवल पेरिस समझौते तक सीमित है।
उत्तर: (c) यह जलवायु परिवर्तन से निपटने को एक कानूनी दायित्व मानती है।
3. ICJ की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(a) 1920
(b) 1945
(c) 1972
(d) 1992
उत्तर: (b) 1945
4. ICJ का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड
(b) न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका
(c) हेग, नीदरलैंड्स
(d) पेरिस, फ्रांस
उत्तर: (c) हेग, नीदरलैंड्स
5. ICJ की सलाहकारी राय के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से निपटने में विफलता को क्या माना गया है?
(a) एक राजनीतिक समस्या
(b) एक अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य
(c) केवल आर्थिक मुद्दा
(d) केवल विकासशील देशों की जिम्मेदारी
उत्तर: (b) एक अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य
6. निम्नलिखित में से किस देश ने ICJ से जलवायु परिवर्तन पर सलाहकारी राय माँगी थी?
(a) भारत
(b) वानुआतु
(c) ब्राजील
(d) जर्मनी
उत्तर: (b) वानुआतु
7. ICJ और ICC के बीच क्या अंतर है?
(a) ICJ व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा चलाता है, जबकि ICC देशों के बीच विवाद सुलझाता है।
(b) ICJ देशों के बीच विवाद सुलझाता है, जबकि ICC व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई करता है।
(c) दोनों का कार्यक्षेत्र समान है।
(d) ICJ केवल पर्यावरणीय मामलों पर केंद्रित है।
उत्तर: (b) ICJ देशों के बीच विवाद सुलझाता है, जबकि ICC व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई करता है।
8. ICJ के न्यायाधीशों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
(a) 5 वर्ष
(b) 7 वर्ष
(c) 9 वर्ष
(d) आजीवन
उत्तर: (c) 9 वर्ष
9. भारत से संबंधित ICJ का एक प्रमुख मामला कौन-सा था?
(a) केवल कुलभूषण जाधव मामला
(b) केवल पुर्तगाल बनाम भारत (1960)
(c) दोनों (a) और (b)
(d) कोई नहीं
उत्तर: (c) दोनों (a) और (b)
10. ICJ की सलाहकारी राय के अनुसार, जलवायु कार्रवाई किसके अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है?
(a) केवल वर्तमान पीढ़ी
(b) केवल भावी पीढ़ियाँ
(c) वर्तमान और भावी पीढ़ियाँ दोनों
(d) केवल औद्योगिक देश
उत्तर: (c) वर्तमान और भावी पीढ़ियाँ दोनों
मुख्य परीक्षा प्रश्न
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